gunjan saxena the kargil girl review| गुंजन सक्सेना
गुंजन सक्सेना 3 मिनट का ट्रेलर इस उम्मीद से निकाल दिया कि कहीं तो जानवी कपूर एक एक्ट्रेस की तरह कुछ अलग करके दिखाएंगे लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं कुछ भी एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी नहीं लोग सोच रहे होंगे ट्रेलर देखकर पूरी फिल्म में उनकी एक्टिंग को कैसे जज किया जा सकता है मेरा मानना है कि काफी हद तक किया जा सकता है |
क्योंकि एक ट्रेलर एक सैंपल की तरह होता फिल्म देखने पर तो जानवी की तारीख में चार और लाइनें जोड़ी जा सकती हैं दूसरे पंकज त्रिपाठी की एक तरफ जहां जानवी कपूर की कमजोर एक्टिंग और नेपोटिज्म का खेल देखने को मिलता है |

गुंजन सक्सेना का किरदार जानवी कपूर निभा रही है जो की लीड रोल है ठीक-ठाक है इसका काफी सारा इस्तेमाल कर जानवी कपूर की कमजोर एक्टिंग को बैकअप देने की कोशिश साफ दिख रही है लेकिन एक जो खास बात ट्रेलर के बारे में कहना चाहूंगा इस बहादुर लड़की की देश में इतना कमजोर समझा जाता है और डिफेंस में ऐसा ट्रीटमेंट मिलता है अगर ऐसा है तो यह ठीक नहीं है और ऐसा नहीं है.
ट्रेलर में विनीत कुमार का काम भी ठीक लग रहा है लेकिन क्या आप जानवी कपूर का है लेकिन फिल्म का मजबूत स्तंभ पंकज त्रिपाठी और विनीत सिंह जैसे लोग हैं पूरे ट्रेलर पर गौर करें शिवाय हंसने रोने के अलावा जानवी कपूर किसी भी तरह के एक्सप्रेशंस देने में कामयाब नहीं रहती हैं इस ट्रेलर में पंकज त्रिपाठी और विनीत सिंह जो दोनों आउटसाइडर हैं उनके कंधे पर फिल्म का भार देखा जाता हैं|
महिलाओं का शौर्य तब नजर आता है जब इन का किरदार पर्दे पर आता है यह फिल्म इस बात का सर्टिफिकेट बन चुकी है कि हां अब आप एक बहादुर एथलीट आर्मी मैन क्रिकेटर या पॉलिटिशन इससे पहले कितने लोग गुंजन सक्सेना के शौर्य के बारे में जानते थे लेकिन अब जान गए हैं कहीं ना कहीं अच्छा है कि गुंजन सक्सेना जैसी स्टोरीज पर फिल्म बनी उसके लिए सही एक्ट्रेस का चयन बेहद जरूरी है जो शायद इस फिल्म में ऋषि कपूर फिलहाल ट्रेलर में बिल्कुल इफेक्टिव नहीं लग रही है|

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