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WTC फाइनल और इंग्लैंड सीरीज से हार्दिक पांड्या को बाहर

WTC फाइनल और इंग्लैंड सीरीज से हार्दिक पांड्या को बाहर 




बीसीसीआई ने शुक्रवार को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया । 20 सदस्यीय टीम में स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और मोहम्मद शमी की वापसी हुई है। ऑलराउंड हार्दिक पांड्या को टीम में जगह नहीं मिली है। भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने हार्दिक पांड्या को टीम में शामिल ना करने पर टिप्पणी की। भारत न्यूजीलैंड से 18 जून को साउथेम्प्टन में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भिड़ेगा।


वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद भारत इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने हार्दिक पांड्या को टीम में ना खिलाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर ये ऑलराउंडर गेंदबाजी नहीं कर पाता तो इसका मतलब ये नहीं कि आप उसे एक शुद्ध बल्लेबाज मान लें। उन्होंने कहा कि अगर वो इंग्लैंड दौरे के लिए जाते तो उनकी भूमिका एक बल्लेबाज से अधिक होनी चाहिए। पांड्या इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा थे।


स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए प्रसाद ने कहा कि मुझे लगता है कि वास्तव में उन्हें गेंदबाजी नहीं करने के लिए कहा गया ताकि वह इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल सके। हो सकता है कि वो वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और इंग्लैंड दौरे के लिए उसे संरक्षण दे रहे हो। लेकिन अगर आपके पास हनुमा विहारी और अन्य मिडिल ऑर्डर में खिलाड़ी हो तो वो किसी भी तरीके से शुद्ध बल्लेबाज के रूप में टीम में जगह नहीं पा सकते हैं।


पांड्या ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में थोड़ी गेंदबाजी की। इसके बाद मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीमित ओवरों की सीरीज में भी उन्होंने कुछ ओवर डाले। इसके अलावा पांड्या का मुख्य तौर पर बल्लेबाज के तौर पर इस्तेमाल हुआ।  पिछली बार जब भारत ने इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेली थी, तब पांड्या ने एक मैच में पांच विकेट लिए थे। प्रसाद ने कहा कि भारत को ऑलराउंडर से कुछ इसी तरह की अपेक्षा होगी।  


प्रसाद ने आगे कहा कि अगर वह गेंदबाजी करने के लिए फिट है, तभी उसे चुना जाना चाहिए। अगर वह गेंदबाजी नहीं कर सकता है, तो उसे नहीं चुना जाना चाहिए, यह कहना उतना ही सरल है, जैसे कहना कि उसे  टीम में तभी होना चाहिए, जब वो गेंदबाजी करें। वो टीम को एक ऑलराउंडर के रूप में बैलेंस करेगा। यदि वह एक दिन में 12-15 ओवर की गेंदबाजी करता है, तो उसकी तरफ से एक बड़ा योगदान होगा। यही उसने साल 2018 में नॉटिंघम में किया था, जब उसने पांच विकेट लिए थे।


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