Dhoni के Retirement पर देखिए- धोनी के इन 5 बड़े फैसलों ने उन्हें बनाया था सबसे बड़ा कप्तान
महेंद्र सिंह धोनी वर्ल्ड क्रिकेट का कप्तान dil लगाने के लिए जाना जाता था कुछ लोगों का मानना था कि धोनी अपनी कप्तानी में तुक्का लगाते हैं और तुक्का चल जाता है क्योंकि धोनी किस्मत के धनी है लेकिन ऐसा नहीं था कि कोई भी कप्तान दुख का एक बार लगा सकता है बार-बार नहीं धोनी एक प्लान के साथ मैदान पर कदम रख देंगे दुनिया के पीछे कारण होता पाकिस्तान के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में ऐसा लग रहा था कि किताब हाथ से निकल के आखिरी ओवर में पाकिस्तान को 6 गेंदों पर 13 रन की जरूरत थी हर किसी को लग रहा था कि आखरी ओवर हरभजन सिंह करेंगे क्योंकि धोनी अनुभवी गेंदबाज के साथ जाना चाहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ धोनी ने युवा जोगिंदर सिंह से गेंदबाजी करवाने का फैसला किया और टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब.
साल 2008 जब वनडे से सौरव द्रविड़ बाहर धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया 2008 में सीबी सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया के इस टीम में धोनी ने रोहित शर्मा रॉबिन उथप्पा के सिवा खिलाड़ियों का चयन किया सौरव और द्रविड़ को टीम से बाहर कर दिया गया हर कोई हैरान था लेकिन धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को पूरी तरह से रोक दिया फाइनल जीतकर नया इतिहास रचा और धोनी ने दिखा दिया कि उन्होंने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया था साल 2011 वर्ल्ड कप फाइनल के खिलाफ फाइनल मैच सचिन सहवाग और विराट कोहली जल्दी आउट हो गए तो धोनी ने युवराज से पहले उतरने का फैसला किया जबकि धोनी का यह फैसला चौंकाने वाला था.
क्योंकि पूरे टूर्नामेंट में युवराज रन बना रहे थे लेकिन धोनी युवराज से ऊपर आ गए और गंभीर के साथ धोनी ने मैच का नतीजा भारत के पक्ष में कर हर किसी को लग रहा था कि धोनी ने खुद को हीरो साबित करने के लिए यह फैसला लिया था लेकिन ऐसा नहीं था दरअसल श्रीलंकाई टीम में मुथैया.
आईपीएल में चेन्नई की तरफ से खेलते थे धोनी इन गेंदबाजों को युवराज से ज्यादा अच्छे से समझते और यही बचा था कि धोनी ने युवराज सिंह पर आने का फैसला किया 2012 ऑस्ट्रेलिया दौरा 2012 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सचिन सहवाग और गंभीर के बीच ओपनिंग पर रोटेशन यानी कि एक मैच में सचिन के साथ गंभीर तो दूसरे में सहवाग धोनी के फैसले पर काफी विवाद भी हुआ था.

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